भामाशाह भवन वाले स्कूलों में 80% स्टाफ अनिवार्य:डीएलएड के विद्यार्थियों के लिए अब बायोमैट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य
भामाशाह भवन वाले स्कूलों में 80% स्टाफ अनिवार्य:डीएलएड के विद्यार्थियों के लिए अब बायोमैट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य
जयपुर
प्रदेश में डीएलएड प्रशिक्षुओं के लिए शिक्षा विभाग ने अब बायोमैट्रिक उपस्थिति लागू कर दी है। प्रदेश में डीएलएड के 377 कॉलेज हैं, जहां 25 हजार से ज्यादा सीटों पर डीएलएड प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जाता है। सचिवालय में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की अध्यक्षता में पिछले दिनों हुई एक उच्च स्तरीय मीटिंग में यह फैसला किया गया है।
शिक्षा मंत्री को शिकायतें मिली थीं कि प्रशिक्षाणार्थियों के लंबी अवधि तक गैर हाजिर रहने के बावजूद कुछ डीएलएड कॉलेजों ने परीक्षाओं में बैठा दिया, जो खेदजनक है। ऐसी गड़बड़ियां नहीं होनी चाहिए। इसको लेकर मंत्री ने मीटिंग में ही शिक्षा विभागीय परीक्षाएं बीकानेर के पंजीयक को निर्देशित किया कि ऐसी कॉलेजों का टीम बनाकर गहन औचक निरीक्षण करवाया जाए।
नई शिक्षा नीति : डीएलएड का पाठ्यक्रम बदलेगा
नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार डीएलएड पाठ्यक्रम बनेगा। राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक ने मुद्दा उठाया था कि पाठ्यक्रम वर्ष 2012-13 में निर्मित किया गया है। इधर, भामाशाह भवन वाले स्कूलों में 80% स्टाफ अनिवार्य करने का फैसला किया गया है।
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